Friday, April 24, 2020

जैसा सवाल वैसा जवाब (प्रश्नोत्तर)

तुम्हारी बात
(क) ख्वाजा सरा के तीनों सवालों का क्या कोई और जवाब हो सकता है? अपने मन से सोचकर लिखो|
उत्तर- हाँ, हो सकता है|
(1) ख्वाजा सरा का पहला सवाल था – ‘संसार का केंद्र कहाँ है?’
इस सवाल का जवाब हो सकता है – हिमालय की ऊँची चोटी की सबसे ऊँची जगह ही संसार का केंद्र है ख्वाजा सरा नाप कर देख ले|
(2) दूसरा सवाल था – ‘आकाश में कितने तारे है?’
इसका उत्तर हो सकता है – ‘एक बोरी सरसों में जितने दाने है, आकाश में उतने ही तारे हैं ख्वाजा सरा दोनों को गिन कर देख सकते हैं|
(3) तीसरा प्रश्न था – ‘संसार की आबादी कितनी हैं’
इसका उत्तर हो सकता है – ख्वाजा के सिर और दाढ़ी में जितने बाल हैं, संसार की आबादी उतनी ही हैं| वह चाहे तो अपनी दाढ़ी और अपना सिर मुंडवाकर गिनती कर ले|”
(ख) अगर तुम ख्वाजा सरा की जगह पर होते तो बीरबल को हराने के लिए कौन-से सवाल पूछते?

उत्तर- अगर मैं ख्वाजा सरा की जगह होता तो बीरबल को हराने के लिए यह सवाल पूछता कि कुत्ते की दुम टेढ़ी क्यों रहती है ? 

(ग) ख्वाजा सरा का बस चलता तो बीरबल को हिन्दुस्तान से निकाल देते| अगर तुम्हारा बस चले तो तुम कौन-कौन सी इच्छाएँ पूरी करना चाहोगे?

उत्तर- अगर मेरा बस चले तो मैं अपने लिए एक कार ले लूँ और सारी दुनिया की सैर करूं।

नीचे लिखे वाक्य पढो –
मैं बस  में बैठकर स्कूल जाती हूँ|
ख्वाजा सरा का बस  चलता तो बीरबल को निकाल देते|
बस ! अब रुक जाओ|
बस  दो दिन की बात हैं| मैं आ जाऊँगी|

ऊपर लिखे वाक्यों में बस  शब्द का अर्थ अलग-अलग हैं|
अब इसी तरह   चल   शब्द से वाक्य बनाओ|

(संकेत चल, चल-चल, चला, चलें, चलने, चलती चलो)

उत्तर-  बीच सड़क पर मत चल|
मैं तो चल – चल कर थक गया|
तुम बैठो, मैं चला|
चलो, अब पढ़ाई करो|
अब हमें चलना चाहिए|
इसी को चलती का नाम गाड़ी कहते है|
कैसे चले, राधा तो आयी ही नहीं है|
यह बाइक बहुत चलेगी|

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